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राज्य शासन ने किसानों दी बड़ी राहत, धान बेचने के लिए बारदाना की 50 प्रतिशत की बाध्यता समाप्त, अब सिर्फ 10 प्रतिशत बारदाना के साथ किसान बेच सकेंगे अपना धान

कबीरधाम जिले में 76 हजार 755 पंजीकृत किसानों से हुई 24 लाख 93 हजार 185 सौ क्विंटल धान की ख़रीदी

राज्य शासन द्वारा जिले के 76 हजार 755 किसानों को 290 करोड़ रूपए का भूगतान

कवर्धा, 02 जनवरी 2022। राज्य शासन ने खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में चालू धान ख़रीदी सीजन में किसानों को धान बेचने के लिए बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशानुसार कबीरधाम जिले में किसानों को धान बेचने बारदाना के लिए लागू 50 प्रतिशत की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। बारदाना के लिए 50 प्रतिशत की बाध्यता समाप्त होने से कबीरधाम जिले के शेष पंजीकृत किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में 103 धान उपार्जन केंद्रों में प्रतिदिन धान ख़रीदी की लक्ष्य तथा किसानों की जारी टोकन के आधार पर बारदाना की व्यवस्था कर ली गई है। अब किसानों को 50 प्रतिशत बारदाना के स्थान में सिर्फ 10 प्रतिशत बारदाना के साथ अपना धान बेच सकते है। कलेक्टर ने बताया कि किसानों को राज्य शासन द्वारा बारदाना के लिए निर्धारित 25 रुपए की दर से किसानों को राशि का भुगतान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री बघेल तथा कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कल कबीरधाम जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने जिले में अब तक हुई धान ख़रीदी के संबध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।

कलेक्टर शर्मा ने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जिले में अब तक 24 लाख 93 हजार 185 सौ क्विंटल धान ख़रीदी कर ली गई है। जिले में 76 हजार 755 पंजीकृत किसानों ने सुचारू एवं शांति पूर्ण ढंग से बेचा 24 लाख 93 हजार 185 सौ क्विंटल धान बेच लिया है। जिले ने पिछले बरसों की तुलना में धान खरीदी का नया रिकार्ड बना लिया है। महज 23 दिनों में लक्ष्य की तुलना में 55.5 प्रतिशत धान खरीदी कर ली गई है। राज्य शासन द्वारा धान बेचने वाले इन सभी किसानों के खातों में 290 करोड़ रूपए का भूगतान भूगतान भी कर दिया गया है। धान बेचने वाले किसानों के चेहरे में अभूतपूर्व उत्साह और आत्मविश्वास से भरपूर नजर आ रहे है।

कबीरधाम जिले में 103 धान खरीदी केन्द्रों में पंजीकृत किसानों से सुचारू रूप से धान खरीदी करने की व्यवस्था बनाई गई हैं। समिति प्रबंधन द्वारा पंजीकृत किसानों को घर पहुंच टोकन भी दिए जा रहे है। वहीं इन केन्द्रों में अमानक धान की खरीदी को रोकने और जिले में अन्य राज्यों से आने वाले धान के अवैध परिवहनों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही। इन सब के बीच पंजीकृत किसानों को धान बेचने में किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी ना हो इसके लिए भी डिप्टी कलेक्टरों तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।

किसानों को सीमांत, लघु और बड़े तीन वर्गों में चिन्हांकित सुचारू रूप से धान की खरीदी

कलेक्टर शर्मा ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में जिले में 1 लाख 14 हजार 967 पंजीकृत किसान है। इस वर्ष पंजीकृत किसानों से 44 लाख 89 हजार 49 क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित की गई है। जिले के 103 धान खरीदी केन्द्रों में 31 दिसम्बर तक 24 लाख 93 हजार 185 सौ क्विंटल धान की खरीदी कर ली गई है। सुचारू व शांति पूर्ण ढंग से धान की खरीदी हो सके इसके लिए जिले में सीमांत किसान, लघु किसान और दीर्घ किसान तीन वर्ग में विभाजित किया गया है।

जिले में सीमांत किसानों में ढाई एकड़ तक 75 हजार 964 पंजीकृत है, जिसमें से 50 हजार 396 किसानों ने धान बेच लिया है। ढाई एकड़ से 5 एकड़ तक के लघु किसानों की संख्या 26 हजार 365 हैं, जिसमें से 17 हजार 165 किसानों ने धान बेच लिया है। पांच एकड़ से दस एकड़ तक जिले में 9700 पंजीकृत किसान है, जिसमें से 6 हजार 259 किसानो ने धान बेच लिया है। इसी प्रकार दस एकड़ से बीस एकड़ तक जिले में दीर्घ किसानो की संख्या 2 हजार 513 है, जिसमें से 1597 ने धान बेच लिए है। बीस एकड़ से अधिक रकबा वाले 424 पंजीकृत किसान है, जिसमें से 255 किसानों ने अपना धान बेच लिया है।

किसानों को 290 करोड़ का भूगतान, 196 करोड़ 32 लाख 95 हजार 976 कृषि ऋष जमा

राज्य शासन द्वारा कबीरधाम जिले के पंजीकृत किसानों को खेती-किसान कार्यों के लिए ऋण दिया गया हैं। जिसमें से 76 हजार 755 किसानों ने 196 करोड़ 32 लाख 95 हजार 976 रूपए का कृषि ऋण जमा करा लिया है।



 

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