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समर कैम्प को तत्काल बन्द करने की मांग

0 भीषण गर्मी व ग्रीष्मकालीन अवकाश में कैसे आयोजित होगी समर क्लास

कवर्धा – छत्तीसगढ़ पंचायत नगरीय निकाय शिक्षक संघ के जिला प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा अधिकारी कबीरधाम से मुलाकात कर जिले के प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शालाओं में एक मई से पन्द्रह जून तक आयोजित होने वाले समर कैम्प को तत्काल बन्द करने की मांग किया है। चर्चा के दौरान संघ पदाधिकारियों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि कई विद्यालयों में भीषण गर्मी के अनुकूल बुनियादी सुविधाओं शुद्ध पेयजल, बिजली, पंखा आदि की सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में समर कैम्प के आयोजन से बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के साथ ही जिले में भी शादी-ब्याह का दौर चल रहा है, ऐसे समय में समर कैम्प के आयोजन से विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थित नगण्य ही रहेगा, जिससे समर कैम्प का आयोजन केवल औपचारिकता ही रह जायेगा। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि समय के साथ शिक्षा के क्षेत्र में नवीनता व परिवर्तन आवश्यक है, लेकिन ऐसे परिवर्तनों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल व व्यवहारिक होना चाहिए। केवल परिवर्तन के नाम पर नित नये प्रयोग उचित नहीं है। वर्तमान में 42 से 44 डिग्री सेल्यिस का तापमान है, ऐसे में प्राथमिक शालाओं में अध्ययनरत सात-आठ साल के बच्चों को समर कैम्प में बुलाया जाना कहां तक उचित है?
शासन का आदेश प्रभावी रहेगा या संचालक का- छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एक वर्ष पूर्व तीन मई 2018 को जारी आदेश में एक मई से पन्द्रह जून 2019 तक 46 दिनों का ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया है, जो वर्तमान में प्रभावशील है। इसके बाद भी प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा रायपुर के अर्धशासकीय पत्र के आधार पर समर क्लास लगाने का निर्देश देना कहां तक उचित है? संघ का कहना है कि जिला प्रशासन पहले यह स्पष्ट करे कि जिले में राज्यपाल के आदेशानुसार छ.ग.शासन द्वारा जारी आदेश प्रभावशील होगा या फिर प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा का अर्धशासकीय पत्र।
शिक्षकों को यूंॅ ही नहीं मिलता ग्रीष्मकालीन अवकाश- संघ जिलाध्यक्ष रमेश कुमार चन्द्रवंशी ने बताया कि शिक्षकों को मिलने वाले ग्रीष्मकालीन अवकाश का वाजिब कारण भी है। शिक्षकों को एक साल में मात्र दस दिनों का अर्जित अवकाश मिलता है। माह के दूसरे व तीसरे शनिवार को अवकाश नहीं मिलता है, जबकि अन्य कर्मचारियों, अधिकारियों को साल में तीस दिन का अर्जित अवकाश के साथ प्रत्येक माह के दूसरे व तीसरे शनिवार को अवकाश मिलता है। यदि कर्मचारियों अधिकारियों को मिलने वाले बीस दिनों के अतिरिक्त अर्जित अवकाश के साथ साल भर के दूसरे व तीसरे शनिवार के चैबीस दिनों के अवकाश को जोड़ा जाय तो कुल 44 दिन का अवकाश मिलता है। शिक्षकों को इसके बराबर ही ग्रीष्मकालीन अवकाश मिलता है।

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