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ठंड से बचने हेतु आवश्यक सावधानियां एवं दिशा-निर्देश जारी

कवर्धा | 25 नवम्बर 2020। भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं भारत मौसम विज्ञान केन्द्र के द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदेश में सामान्यतः दिसम्बर से जनवरी माह के बीच ठंड की व्यापकता और तीक्ष्णता कभी-कभी शीतलहर का रूप ले लेती है। इस वर्ष दिसम्बर माह के प्रारंभ से ही कड़ी ठंड पड़ रही है। कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने ठंड के दौरान लोगों से आवश्यक सावधानियां बरतने का आग्रह किया है।

नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में बसे निःसहाय, आवासहीन, गरीब, वृद्ध एवं स्कूल जाने वाले विद्यार्थी इत्यादि के ठंड से प्रभावित होने की संभावना है। राज्य सरकार द्वारा शीतलहर से बचने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। शीतलहर की परिस्थितयां-वर्तमान में कुछ क्षेत्रों में सामान्य तापमान 10 डिग्री सेन्टीग्रेट से कम पाया जा रहा है, ऐसी स्थिति में शीतलहर उत्पन्न होती है। राज्य में किसी जिले को शीतलहर एवं पाला से प्रभावित मानने के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा निर्धारित तापमान आंकड़ो के आधार पर प्रभावित माना जाएगा। राज्य में शीतलहर एवं पाला की स्थिति में निःसहाय एवं आवासहीन जनसमुदाय को शीतलहर एवं पाला से बचाव के लिए रैन बसेरा, अस्थायी शरण स्थलों में ठहराने हेतु समुचित  व्यवस्था की जा रही है। कंबल व्यवस्था-रात्रि रैन बसेरा, अस्थायी शरण स्थलों में पर्याप्त संख्या में कंबल रखने के निर्देश दिए गए हैं। कंबल को किसी व्यक्ति विशेष को आबंटित न करते हुए अन्य हितग्राहियों को भी उपलब्ध कराने निर्देशित किया गया है। अलाव की व्यवस्था-राज्य के किसी जिले में शीतलहर की स्थिति में शीत प्रकोप से बचाने हेतु आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। अलाव की व्यवस्था करते समय ये विशेष ध्यान रखने कहा गया है कि अलाव ऐसे स्थान पर जलाया जाये, जिससे आगजनी की घटना न हो। आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं-शीत प्रकोप से बचाव हेतु आवश्यक दवाओं का भंडारण एवं चिकित्सा सेवायें हेतु समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक जिले में चिकित्सा दल गठित कर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने हेतु निर्देशित किया गया है। रबी फसल-शीत प्रकोप से रबी फसलों के बचाव हेतु कृषि विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक समुचित व्यवस्था करने कहा गया है। स्कूलों का समय परिवर्तन-तापमान सामान्य से कम होने की स्थिति में प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय तथा संस्थाओं के समय में परिवर्तन किया जाना है। मृतकों की सूचना-शीतलहर के कारण किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने एवं अस्थायी रैनबसेरा में रखे गये व्यक्तियों की जानकारी निर्धारित प्रपत्रों में प्रतिदिन पूर्वान्ह 11 बजे तक जिला कार्यालय के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को दूरभाष क्रमांक 07771-2510823 एवं ईमेल आईडी सीजीरिलिफ/जीमेल.कॉम  पर उपलब्ध करावें।

कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी, वनमण्डलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, उपसंचालक कृषि, सभी तहसीलदार, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर सेना के जिला सेनानी को निर्देशानुसार जानकारी उपलब्ध कराने कहा है। सहायता-मृत एवं पीड़ित परिवारों एवं प्रभावित कृषकों को राजस्व पुस्तक 6-4 में निहित प्रावधान अनुसार आर्थिक अनुदान सहायता प्रदान की जाएगी।

शीतलहर के के दौरान आवश्यक उपाय

शीतलहर से बचने के लिए जितना संभव हो घर के भीतर रहकर आवश्यक उपाय करने की समझाईश दी गई है। घर से बाहर निकलने पर गर्म कपड़ो का उपयोग करने कहा गया है। मौसम से संबंधित समाचार व आपातकाल के संबंध में जारी समाचारों को ध्यान से सुनने तथा उसके अनुसार आवश्यक उपाये करने कहा गया है। आपातकाल में भी पॉवर सप्लाई जारी रहने वाले आवासों का उपयोग करने कहा गया है। पॉवर कट होने पर फ्रीज में रखे गये समानों का उपयोग 48 घंटे के बाद नहीं करने की समझाईश दी गई है। शीत लहर से बचाव हेतु टोपी और मफलर का भी उपयोग करने कहा गया है। यदि केरोसिन व कोल के हीटर का उपयोग करते है तो गैस व धुऐं के निकलने के लिए रोशनदान की व्यवस्था होनी चाहिए। कलेक्टर शर्मा ने लोगों से शीतलहर के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने का आग्रह किया है।

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