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सब्जियों के दाम छूने लगे आसमान जो खाए वह पछताए क्या यह सब्जियों की दामों ने लोगों को सब्जी न खाने से मजबूर कर दिया

नई दिल्ली | 15 सितंबर 2020 एक तरफ करोना तो दूसरी ओर बढ़ती महंगाई. वीवीआईपी की जिंदगी तो सामान्य दिनचर्या में चलती ही रहेगी. झेलना तो आम जनता को ही है. इन दिनों सब्जियों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है. जाहिर है इसका सीधा-सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ेगा.

देश में लोगों को रोजाना की इस कम की वस्तू के लिए जेब काफी ज्यादा ढिली करनी पड़ रही है. टमाटर प्याज जैसी हर घर में इस्तेमाल होने वाली सब्जी के दाम आसमान छू रहे हैं. ऐसे में आम जनता के लिए अपना रसोई का बजट संभालना बेहद मुश्किल होता जा रहा है.

प्याज-टमाटर के दाम आकाश में

सब्जियों के मौजूदा दाम देखें तो इस समय प्याज के दाम 50 रुपये किलो तक जा पहुंचे हैं. टमाटर के दाम 75-80 रुपये के बीच हैं जो कि लोगों पर बेहद भारी पड़ रहे हैं. फूल गोभी चूंकि सर्दियों की सब्जी है, लेकिन मंडियों में इसकी आमद शुरू हो गई है पर इसके दाम इस समय 100 रुपये किलो के दाम पर बिक रही है.

आलू के भी भाव बढ़े

हर घर में रोजाना खाया जाने वाला आलू इस समय 30-35 रुपए किलो के भाव पर मिल रहा है जिसके कारण गृहणियों के सामने सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर वो कौनसी सब्जी का चुनाव करें जो उनके घर के बजट को भी न बिगाड़े और घर के सदस्यों के स्वाद की मांग को भी पूरा कर सके. वहीं अगर पहाड़ी आलू के दाम देखें तो ये 40 रुपये किलो से कम नहीं हैं.

ये सब्जियां थोड़ी सस्ती

सस्ती सब्जियों की बात करें तो इस समय सबसे सस्ती सब्जी भी लौकी है जो 30-40 रुपये किलो के बीच मिल पा रही है और तोरई के दाम भी इसी के आसपास हैं. इसके अलावा टिंडा जैसी हरी सब्जी भी 30-40 रुपये किलो के बीच मिल पा रही है. वहीं अरवी जैसी कम खाई जाने वाली सब्जी भी कुछ सस्ते दाम पर मिल रही है.

कल आए महंगाई के आंकड़े

कल देश में थोक महंगाई दर के आंकड़ों में तेजी देखने को मिली है और ये मुख्य तौर पर खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़े होने की वजह से हुआ है. साफ है कि खाद्य महंगाई दर में तेजी से होता इजाफा लोगों के लिए भारी परेशानी का सबब बन रहा है और इस कोरोना काल में लोगों के लिए उनकी दिक्कतें सब तरफ से बढ़ ही रही हैं.



 

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