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जिले के प्रवासी श्रमिकों और व्यक्तियों को 14 दिनों के कोरेन्टाईन में रखना अनिवार्य- कलेक्टर

कलेकटर ने नरोधी चेकपोस्ट और राहत शिविर का निरीक्षण किया

                    कवर्धा | 23 अप्रैल 2020। कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने आज कवर्धा-राजनांदगांव जिले की सीमावर्ती क्षेत्र में कोरोना वायरस के संक्रमण और उनके बचाव के लिए संचालित नरोधी चेक पोस्ट और राहत शिविर का निरीक्षण किया। कलेक्टर के साथ जिला पंचायत सीईओ  विजयदयाराम के ने भी राहत शिविर का अवलोकन किया। कलेक्टर शरण ने चेकपोस्ट का निरीक्षण करते हुए पुलिस अधिकारियों को कढ़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सहसपुर लोहारा जनपद पंचायत सीईओ और तहसीलदार को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले के प्रवासी श्रमिकों और नागरिको अथवा विद्यार्थियों को सीधे उनके घर जाने की अनुमति ना दे। कोरोना वायरस के संक्रमण बचाव और उनके नियंत्रण के लिए प्रावासी व्यक्तियों को राज्य शासन के निर्देशानुसार राहत शिविरों में 14 दिनों की कोरेन्टाईन में रखना अनिवार्य किया गया है। इन 14 दिनों में राहत शिविर में रूके सभी व्यक्तियों को स्वास्थ्य परीक्षण कराए। सर्दी,खासी और तेज बुखार और कोरोना के लक्ष्ण पाए जाने तत्काल इसकी सूचना स्वास्थ्य अमले को दे। कलेक्टर ने चेक पोस्ट के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि खाद्य वस्तुओं के परिवहन में लगे वाहनों को हो आने-आने की अनुमति हैं। इसके अलावा अन्य समाग्रियों के परिवहनों को जिले के अंदर और बाहर जाने ना दे। इसकी कड़ाई से जांच किया जाए। कलेक्टर  शरण ने नरोधी में बनाए गए अस्थायी राहत शिविर का भी निरीक्षण किया। जनपद पंचायत सीईओ ने बताया कि इस राहत शिविर में 22 अप्रवासी श्रमिकों को यहां कोरेन्टाईन में रखा गया है। श्रमिकों का नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। राहत शिविर में रूके व्यक्तियों को नियमित रूप से चाय,नास्ता और भोजन-पानी का प्रबंध किया गया है। खण्ड चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि राहत शिविर में रूके किसी भी श्रमिकों में कोरोना वायरस के लक्षण अभी नहीं दिखाई दे रही हैं।

सहसपुर लोहारा, उड़िया कला और रणवीरपुर में संचालित हो रही फिवर क्लीनिक

                  कलेक्टर अवनीश कुमार शरण, जिला पंचायत सीईओ विजय दयाराम के ने सहसपुर लोहारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, उडियाकला और रणवीरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में संचालित फिवर क्लीनिक का भी अवलोकन किया। यहां कोरोना वायरस के संक्रमण और उनके बचाव के लिए फिवर क्लीनिक संचालित की जा रही है। कलेक्टर ने इन संस्थानों का अवलोकन करते हुए संस्थागत प्रवस को बढ़ावा देने के लिए चिकित्सकों को आवश्क दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि कोविड-19 के नियंत्रण के लिए लाकडाउन है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराए। चिकित्सकों ने बताया कि उड़िया कला में सुरक्षित संस्थागत प्रसव किया जा रहा है। बीत चार महा में लगभग 29 संस्थागत प्रसव यहां हो चुका हैं।
                   कलेक्टर ने सहसपुर लोहारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण करते हुए यहां कोविड-19 के बचाव और प्रबंधन की तैयारियों की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर डिप्टी कलेकटर श्रीमती रेखा चन्द्रा, जनपद सीईओ केशव वर्मा,खण्डचिकित्सा अधिकारी डाॅ खरसन और एसडीओ लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी चन्द्राकर सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।



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